नहाय-खाय के साथ लोकआस्था का महापर्व आज से शुरू, नदी-सरोवर में डुबकी लगाकर व्रतियों ने किया भगवान भास्कर की पूजा अर्चना

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रिपोर्ट- अभिषेक कुमार
घर जाकर पूरी पवित्रता के साथ भोजन बनाकर करेंगे ग्रहण,
मेयर भी पत्नी संग कर रहे छठ पूजा।

गया: चार दिनों तक चलने वाला लोक आस्था का महापर्व आज नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है। गया शहर के ऐतिहासिक सूर्यकुंड सरोवर में व्रतियों ने डुबकी लगाकर भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना की। यहां से घर लौटकर मिट्टी के चूल्हे पर पूरी पवित्रता के साथ भोजन बनायेगी और पूजा-अर्चना के बाद ग्रहण करेंगी। वहीं इस बार गया शहर के मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान भी अपनी पत्नी संग छठ पूजा कर रहे है।
इस दौरान गणेश पासवान ने कहा कि छठ पूजा को लेकर गया शहर के सभी 24 घाटों पर बेहतर व्यवस्था की गई है। साफ-सफाई, रोशनी सहित सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वजह से पिछली बार छठ पूजा नहीं कर पाए थे। पहली बार छठ पूजा कर रहे हैं। यह लोक आस्था का पर्व है। भगवान भास्कर से यही प्रार्थना करते हैं कि सभी को सुख, समृद्धि की प्राप्ति हो। साथ ही जो लोग कोविड-19 के दौरान मृत्यु को प्राप्त हो गए हैं, उनकी आत्मा को शांति मिले।
वही छठ व्रती डॉ.नीता रानी ने कहा कि नहाय खाय के दूसरा दिन खरना किया जाता है। जिसमे खीर का प्रसाद तैयार किया जाता है। उसके दूसरा दिन शाम को भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया जाता है। सुबह में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ चार दिनों तक चलने वाले इस त्योहार का समापन होता है। यह धार्मिक अनुष्ठान बहुत ही कष्टकर होता है और इसमें पवित्रता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखना होता है। छठ पूजा करने से भगवान सूर्य शारीरिक मानसिक व आर्थिक कष्ट को दूर करते हैं। साथ ही अन्न, धन और पुत्र की प्राप्ति होती है।

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