पटना: गुरुगोविंद सिंह सदर अस्पताल के बढ़ते कदम।

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गुरुगोविंद सिंह सदर अस्पताल में चिकित्सा सुविधा लगातार बेहतर देखने को मिल रहा है

सनोवर खान के साथ मनोज सिंह की रिपोर्ट।

पटना :गुरुगोविंद सिंह सदर अस्पताल पटना सिटी कोरोना काल के बाद बिहार सरकार द्वारा अस्पतालों में अभूतपूर्व व्यवस्था देखी जा रही है, सरकार लोगों के स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कोई कमी छोड़ना नहीं चाहती है यही कारण है कि बिहार में टीकाकरण के गति अत्यधिक तेज है और लोगों में उत्साह भी हैं।
पिछले सप्ताह राष्ट्रपति के आगमन के समय पटना सिटी का गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल जिसे लोग गिरजा अस्पताल भी कहते हैं दूरदराज से आने वाले मरीजों का यहां बेहतर ढंग से एक ही छत के नीचे इलाज की सुविधा उपलब्ध है। महामहिम के आगमन के समय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अलख प्रसाद एवं प्रबंधक चंद्रशेखर आजाद ने रात दिन एक कर के चिकित्सक एवं कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल से ऐसी व्यवस्था बनाई है जिससे 50 किलोमीटर दूर से आने वाले मरीजों का इलाज उचित ढंग से हो पाता है। महापर्व छठ पूजा को देखते हुए सभी चिकित्सकों भागीदारी दे दी गई थी। परिणाम स्वरुप यह देखा गया है कि अस्पताल के छठ महापर्व में डयूटी रहने के बावजूद भी ओपीडी एवं आपातकालीन सेवा में किसी भी प्रकार की परेशानी या बाधा नहीं होने दिया गया
उपाधिक्षक अलख प्रसाद एब अस्पताल प्रबंधक ने मरीजों की सुविधा के लिए शिकायत बॉक्स के साथ-साथ मोबाइल पर भी शिकायत सुनकर तुरंत उस समस्या का समाधान करने की कोशिश करते हैं।
दवा केंद्र पर किसी मरीज को ज्यादा देर तक पंक्ति में खड़ा नहीं रहना पड़े, लाचार एवं विकलांग मरीजों के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था है। इस अस्पताल के उपाधीक्षक से लेकर सुरक्षा गार्ड तक रात दिन मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, हालांकि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा व्यक्तिगत लाभ के लिए दुर्लभ प्रयास जारी है लेकिन कड़े अनुशासन और बेहतरीन चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के कारण इनकी एक नहीं चल पाती है, लेकिन सीसीटीवी कैमरा लगे होने के कारण अपने मकसद में दलाल कामयाब नहीं हो पाते हैं। कुछ डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करते हैं फिर भी अस्पताल में मरीजों को समय से आ कर देखते हैं मरीजों का खास ख्याल रखते हैं। निबंधन काउंटर पर महिला पुरुष के लिए अलग से खिड़की बनी हुई है यह किसी मरीज को कोई असुविधा नहीं होती है। पटना के सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी सिंह इस अस्पताल के अधीक्षक के चार्ज में हैं। जब हमारे संवाददाता ने अस्पताल की स्थिति का मुआयना किया तो मरीज और उनके अभिभावकों से अस्पताल प्रबंधन के विषय में जानना चाहा तो एक दो कारणों को छोड़कर बाकी कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली। यदि यही व्यवस्था निरंतर लागू हो तो निश्चित तौर पर पटना सिटी के लोगों को कहीं दूसरे स्थानों पर इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। आगे गुरु नानक देव की जयंती आने वाली है। अस्पताल प्रशासन सिटी मैनेजर चंद्रशेखर आजाद के देखरेख में पूरी तरह तत्पर है ताकि किसी मरीज को कोई परेशानी ना हो।

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