शक्ति की भक्ति के कई रंग

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नालंदा (बिहार)हरनौत – नवरात्रि की दूसरी तिथि को शक्ति की अधिष्ठात्री मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी रुप की पूजा की गई। इनकी पूजा से सुख-शांति व समृद्धि मिलती है।
दस दिनों के महापर्व में शक्ति की भक्ति के कई रुप देखने को मिल रहे हैं। इसमें कई भक्त अपने घर में कलश स्थापना कर नवदुर्गा पाठ कर रहे हैं। चेरन गांव के अभिषेक कुमार बताते हैं कि वे पति-पत्नी शिव विवाह को गांव के शिव मंदिर में मूर्त रुप देते हैं। जबकि, नवरात्रि में घर में कलश स्थापना कर नौ दिनों तक माता के नौ रुपों का पाठ करते हैं। वे बताते हैं कि पूजा-पाठ सर्वस्व समर्पण की भावना से करनी चाहिए। इससे आत्मिक शुद्धिकरण व मानसिक शांति मिलती है। नकारात्मक प्रभाव दूर रहते हैं।
नवरात्रि में सामूहिक पूजा भी की जाती है। इस दौरान मंदिर और पूजा पंडाल में पुरोहित कलश स्थापना करवाते हैं। इच्छुक कई भक्तगण वहां नवदुर्गा का पाठ कर इसका लाभ लेते हैं।
पूजा में महिलाओं की भागीदारी नहीं बताने पर पूजा अधूरी ही कही जायेगी। कलश स्थापना के दिन से ही हर शाम महिलाएं व कन्याएं घर के पूजाघर में दीप प्रज्ज्वलित करती हैं। वहां पूजापाठ कर आदर्श नगर स्थित देवी स्थान, फिर बीच बाजार स्थित दुर्गा स्थान, तेराहा बाजार स्थित काली स्थान में माता का सांझ का प्रणाम अर्पित करती है ।

रिपोर्ट – गौरी शंकर प्रसाद

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