गुरु गोविन्द सिंह सदर अस्पताल में सिविल सर्जन पटना द्वारा मधुमेह दिवस मनाया गया।

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आम पब्लिक को जनहित में देखते हुए ब्लड बैंक शिघ्र चालू करने का निर्णय लिया गया है।सिविल सर्जन पटना :विभा कुमारी

अस्पताल के कमी को जल्द से जल्द पूरा किया जायेगा। उपाधीक्षक डॉ अलख प्रसाद।

अस्पताल निरीक्षण दौरान मैनेजमेंट में जो भी कमी है जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा। हॉस्पिटल मैनेजर चंद्रेशेखर आज़ाद।

सनोवर खान के साथ मनोज कुमार की रिपोर्ट पटना सिटी।

पटना सिटी: विश्व मधुमेह दिवस पर गुरु गोविन्द सिंह सदर अस्पताल द्वारा शहर में जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत स्थानीय सदर अस्पताल से मधुमेह प्रभात फेरी जुलूस निकालकर की गई। जुलुस का उदघाटन सिविल सर्जन डॉ. विभा सिंह ने किया। जुलूस में गुरु गोविंद सदर अस्पताल के प्रसाशन में उपाधीक्षक डॉ अलख प्रसाद , हॉस्पिटल मैनेजर चंद्रेशेखर आजाद,डॉ अरविंद कुमार ,डॉ रंजेश रंजन चौधरी, डॉ अर्जुन राम, डॉ मोहम्मद नौशाद, डॉ आरिफ अब्दुल्लाह सहित सामाजिक संस्था ,समाजसेवक पार्षद प्रतिनिधि श्री बलराम चौधरी एबं अन्य लोग मौजूद थे। मधुमेह जागरूकता अभियान के बाद सिविल सर्जन विभा सिंह द्वारा गुरुगोविंद सिंह सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन पटना ने पाया कि आम पब्लिक को जनहित में देखते हुए ब्लड बैंक शिघ्र चालू करने का निर्णय लिया गया है। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अलख प्रसाद ,NCD इंचार्ज डॉ अर्जुन राम एबं अस्पताल मैनेजर चंद्रेशेखर आजाद ने मधुमेह के बारे में जानकारी दी की मधुमेह क्या है क्यों होता है। मधुमेह अबतक के प्रवेश में बहुत ज्यादा पूरे विश्व में फैल रहा है इस संबंध में एक ही बात कहना है कि शारीरिक एवं मानसिक एकदम बदलते जा रहे हैं अगर इस पर ध्यान दिया जाए तो काबू पाया जा सकता है। तथा लोगों का निशुल्क चेकअप किया। जांच में कुछ रोग पीड़ित पाए गए। चिकित्सकों ने बताया कि गलत खान-पान, फास्ट जंक फुड, कोल्ड ड्रींक, मानसीक तनाव एवं शारीरिक श्रम-व्यायम में कमी के कारण यह रोग तेजी से फैल रहा है। जिससे ऑख, किडनी, हार्ट एवं पारालाइसिस का खतरा ज्यादा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में चीनी, चावल एवं आलू का सेवन कम करें तथा ताजा फल, सब्जी व नियमित व्यायम-योगा करें। दूसरी ओर उपाधीक्षक डॉ अलख प्रसाद ने HIV के टीम से अग्रह किया है कि जो अवस्थित मरीज है अगर मरीजो की संख्या में ज्यादा बदरोतरी हो रही है तो अस्पताल के पुराने जगहों पर स्थित किया जाए।

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