बाल श्रम व बाल विवाह उन्मूलन का करें प्रयास

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रिपोर्ट – गौरी शंकर प्रसाद बचपन बचाने में महिला की भूमिका अहम




नालंदा (बिहार) – हरनौत प्रखंड परिसर के निकट स्थित तारा महिला संकुल संघ के सभाकक्ष में संकुल स्तरीय बैठक की गई। इसमें सेव दि चिल्ड्रेन द्वारा बाल श्रम, बाल विवाह व उनसे भविष्य में खतरों पर कार्यशाला का आयोजन भी किया।
ग्राम संगठन की संगीता कुमारी ने कहा कि बच्चों से मजदूरी करवाना और बाल विवाह करना उनके जीवन से खिलवाड़ है। इससे उनकी पढ़ाई बाधित होती है। शारीरिक व मानसिक रुप से परिपक्वता के अभाव उनकी आगे की पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। अत: हमें अपने समाज के रीति-रिवाज को बदलना होगा। बाल विवाह, बाल श्रम आदि कुरीतियों की रोकथाम का जिम्मा महिलाएं उठायेंगी, तभी बेहतर समाज का निर्माण हो पायेगा। इसके लिए स्वयं सहायता समूह व ग्राम संगठन स्तर से अभियान को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
प्रखंड समन्वयक सुधा कुमारी ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं। वे ही डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, विधायक, मंत्री होंगे। उनमें इस प्रकार की भावना का जागृत की जाय। ताकि भविष्य में वे भी खुशहाल बचपन से देश का भविष्य सफल बनाने में सहयोग कर सकें।
इस दौरान महिला संबंधित किसी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 और बच्चों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देने की जानकारी दी। मौके पर परवरिश, स्पांसरशिप, बाल सहायता, कौशल विकास जैसी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर मदद लेने की जानकारी दी।
इस दौरान संकुल प्रबंधक शुभांगी नावांटकर, सुलेखा कुमारी, मनरेगा सलाहकार रश्मि सिन्हा, सामुदायिक समन्वयक मालती कुमारी, उमेश, रंजन व अन्य मौजूद थे।


रिपोर्ट – गौरी शंकर प्रसाद

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