पटना में गंगा का रौद्र रूप, तटीय इलाकों में तबाही मचाने को हे तैयार, लोगों में दहशत का माहौल

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रिपोर्ट : धीरज कुमार झा

पटना : बिहार में गंगा नदी लगभग हर जगह खतरे के निशान को पार कर रही है। गंगा का पानी बक्सर से कटिहार तक, हर जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बिहार के बक्सर, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार जिले के साथ ही राजधानी पटना में भी गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर जा चुका है। जिसमें गंगा के तटीय इलाके और शहरों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

वहीं, पटना में गंगा नदी के बढ़ते जल स्तर की वजह से नदी के तटीय जिलों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा खतरा पटना शहर पर भी है। अगर जल स्तर बढ़ा तो तटीय इलाकों में तबाही मच सकती है, जिसे देखते हुए बिहार सरकार पूरी तरह से अलर्ट होने का दावा कर रही है।

वहीं, पटना में गंगा नदी का जलस्तर पिछले 4 दिनों में तेजी से बढ़ा है जिससे शहर पर बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। वहीं पटना के अथमलगोलागोला प्रखंड के रामनगर दियारा का वार्ड नंबर 6 एवं रामनगर करारी कछार में अब गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। यहां गंगा नदी का पानी अब गांव के घरों में प्रवेश करना शुरू कर दिया है जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

वहीं पटना के दीघा इलाके में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर था। पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी खतरे के निशान से 98 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है जबकि हाथीदह में पानी खतरे के निशान से 88 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

इन नदियों के बारे में भी जानिए
पुनपुन पटना के दक्षिण-पूर्वी बाहरी इलाके में बुधवार को खतरे के निशान से 1.77 मीटर ऊपर बह रही थी। जबकि मंगलवार को जलस्तर खतरे के निशान से 1.26 मीटर ऊपर था। उत्तर बिहार में बागमती और बूढ़ी गंडक जैसी अन्य प्रमुख नदियां खतरे के स्तर से नीचे बह रही थीं। कोसी में बीरपुर बैराज के माध्यम से, गंडक में वाल्मीकि नगर बैराज के माध्यम से, सोन में इंद्रपुरी बैराज के अलावा, गुरुवार को पानी का बहाव बढ़ गया।

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