उनकी आवाज़ में शाश्वत ईश्वर क़ा निवास है़ : डा. ध्रुव कुमार

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सप्तक स्वरों की मलिका हैं लता जी

संगीत और लता जी एक दूसरे की पूरक हैं : अनिल रश्मि


भारत रत्न से नवाजी गईं सरस्वती पुत्री ,हर दिल अज़ीज़ लता मंगेशकर
जी की आवाज़ की आज भी दीवानी
है़ दुनियाँ । संगीत के बारहों स्वर पर
उनकी पक्की पकड़ है़ । अपनी निर्मल
साधना से वैश्विक स्तर पर श्रोताओं
को आश्चर्य में डाल रखा है़ लता दीदी नें । मूल शाश्त्रीय संगीत की बात हो ,
उप शाश्त्रीय ,ग़ज़ल ,भजन सभी में इनकी गायकी क़ा आज भी कोई जोड़
नहीं है़ , इसलिए इन्हें सप्तक स्वरों की
मलिका कहा जाए तो कोई ……
अतिशयोक्ति नहीं होगी । ये बातें आज
लता जी के 92 वीं जन्मदिन पर मानस पथ स्थित स्वरांजलि सभागार में कार्यक्रम क़ा उदघाटन करते हुए
शिक्षाविद व संगीत मर्मज्ञ डा.ध्रुव कुमार नें कही ।

संगीत और लता जी एक दूसरे की पूरक हैं । महिला गायिकाओं में अगर लता जी को संगीत से अलग कर देखा
जाए तो संगीत की दुनियाँ बेजान, बेज़ार , वीरान दिखेगी। जब सरगम और लता जी की आवाज़ क़ा संगम
होता है़ तब उनके गाने सुन रोंगटे खड़े
हो जाते हैं। …. ऐ मालिक तेरे बंदे हम
गाना जब भी सुनिए आत्मा तड़प उठती है़। रोम रोम में स्वर घुल जाता है़ ।

( डा. ध्रुव कुमार नें कार्यक्रम क़ा
उदघाटन वर्चुअल तरीके से
किया।

लता जी के जन्मदिन पर गानों की प्रस्तुति हुई

  1. गायक प्रेम कुमार नें …. मिलती है़ ज़िंदगी में मुहब्बत……

** दुनियाँ में ऐसा कहाँ सबका नसीब

  1. सीमा तृप्ति ……( वर्चुअल ) कांटो से खींच के ये आँचल …..

** कहीं दीप जले कहीं दिल ……..

  1. छोड़ दे सारी दुनियाँ किसी के लिए ** ज़िन्दगी प्यारा क़ा गीत है़,उसे
    हर दिल को गाना पड़ेगा .
    सभी कलाकारों नें हैप्पी बर्थ डे लता
    जी गाकर उनको जन्मदिन की बधाई
    दी ।
    प्रारंभ में केक काटा गया . बच्चों के
    बीच केक और टाफी बांटी गई.

मौके़ पर राजा पुट्टु , अभिनेता जितेन्द्र कुमार पाल , संजय यादव,
राजेश पासवान , सुनीता रानी ,बबली
रोमा नें भी जन्मदिन की बधाई दी .

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