पटना- बहाली के नाम पर भ्रष्टाचार को लेकर बिहार मदरसा बोर्ड के अंतर्गत तारणी प्रसाद लेन बाग पातो स्थित मदरसा हुसैनिया के खिलाफ उम्मीदबार एबं कोषाध्यक्ष का ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन।

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पटना सिटी क्षेत्र के बागपातो स्थित मदरसा हुसैनिया रणभूमि में हुआ तब्दील।

मदरसा में चार पदों पर नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू होना था लेकिन जब वहां उम्मीदवार पहुंचे तो सन्नाटा था। जिन चार पदों के लिए इंटरव्यू होना था उनमें फाजिल, इंटर ट्रेंड, मैट्रिक ट्रेंड और हाफिज़ शामिल हैं। उम्मीदवारों ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के इंटरव्यू को स्थगित कर दिया गया।

पटना : बिहार मदरसा शिक्षा बोर्ड पटना के तहत मदरसा हुसैनिया तारणी प्रसाद लेन बाग पातो
मदरसा के खिलाफ उम्मीदवार एवं कोषाध्यक्ष ने ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया, और मदरसा के सचिव समीउल हक उर्फ प्रवेज पर भ्रष्टाचार, रिश्वत लेकर बहाली और उम्मीदवारों को परेशान करने का आरोप लगाया।
उम्मीदवारों ने नियुक्ति में घपले का आरोप लगाते हुए कहा कि मदरसा की प्रबंधन समिति के सदस्यों ने आपस में पदों का बंटरबांट कर लिया है। किसी योग्य उम्मीदवार के चुने जाने की उम्मीद नहीं है। इसी साल मार्च में बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड उक्त चारों पदों पर की गई नियुक्ति को अवैध घोषित करते हुए रद कर चुका है।
इस बीच, आरोप है कि सचिव के भतीजे और एक पद के उम्मीदवार अंबर ने मदरसा के कोषाध्यक्ष रिजवी हसन पर हमला कर दिया। रिज़वी ने बताया कि मदरसा में हो रही अवैध नियुक्ति का विरोध करने की वजह से उनपर हमला किया गया। वहीं स्थानीय सैयद हसन ने मदरसे की नई प्रबंधन समित के सदस्यों ने आपस में पदों का बंटवारा कर लिया है किस उम्मीदवार को चुने जाने की उम्मीद नहीं है इसी साल मार्च में बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड उक्त चारों पदों पर की गई नियुक्ति को अवैध घोषित को रद्द कर चुका है।
दिलचस्प बात है कि आठवीं तक की पढ़ाई वाले इस मदरसे में गिनती के बच्चों का दाखि़ला है। लेकिन इसकी चिंता किसी को नहींे है।
खबर के अनुसार मदरसा हुसैनिया तारणी प्रसाद लेन बाग पातो सचिव समीउल हक उर्फ प्रवेज ने बहाली के लिए अखबार में विज्ञापन दिया था, इंटरव्यू की तारीख पर जब उम्मीदवार मदरसा पहुँचे तो सचिव ने कहा कि इंटरव्यू रद्द कर दिया गया है। एक भी इंटरव्यू नहीं होगा जिसके बाद उम्मीदवारों ने जमकर हंगामा किया और कहा कि अगर ऐसा मामला था तो पहले क्यों सूचना नहीं दी गई।

उम्मीदवारों एबं कोषाध्यक्ष रिजवी हसन ने मदरसा प्रशासन पर आरोप लगाया कि दरअसल यहाँ रिश्वत लेकर विशेष व्यक्ति को बहाल की प्रतिक्रिया किया जा रहा है। इसलिए इंटरव्यू नहीं लिया जा रहा है। वही मदरसा के सचिव समीउल हक प्रवेज ने कहा कि बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड से एक्सपर्ट का नाम नहीं आने की वजह से इंटरव्यू स्थगित कर दिया गया है

गौरतलब है कि बिहार मदरसा शिक्षा बोर्ड के तहत चलने वाले किसी भी मदरसा का यह कोई पहली घटना नहीं है, सच्चाई यह है कि बिहार मदरसा बोर्ड में रिश्वत के नाम पर मोटी रकम देने वालों को ही बहाल किया जाता है। इंटरव्यू की घोषणा केवल खानापूर्ति के लिए होता है। रिश्वत और भ्रष्टाचार को लेकर बिहार मदरसा बोर्ड बिहार के कुख्यात संस्थानों में से एक है।

लगातार विरोध और शिकायत के बावजूद रिश्वत लेकर शिक्षकों की नियुक्ति का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पटना से संबंधित एक विश्लेषक ने तो नाम न बताने की शर्त पर यह भी कहा कि बिहार मदरसा बोर्ड के इतिहास में ऐसी कोई मिसाल नहीं मिल सकती है कि किसी एक शिक्षक की बहाली रिश्वत के बिना हुई हो।

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