पटना नगर निगम में कार्यरत कर्मी मुख्य सफाई निरीक्षक संजीव वर्मा की मनमानी, चलाते है अपना कानून।
शिकायत कर्ता को पढ़ाते है कानून का पाठ।

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सनोवर खान के साथ मनोज कुमार की रिपोर्ट।

पटना सिटी:मुख्य सफाई निरीक्षक संजीव वर्मा शिकायतों पर नहीं देते हैं ध्यान। शिकायतकर्ता के सवालों का उल्टे सीधा देते हैं जवाब।
बिहार की राजधानी पटना जो देश में स्वच्छता अभियान में अपना किरकिरी करा चुकी है साल 2019_ 20 मे राष्ट्रीय सर्वेक्षण सूची में सबसे निचले पायदान पर था हालांकि इस बार नगर निगम के अधिकारियों के प्रयास के फलस्वरूप काफी बढ़िया पोजीशन में दिखा इसके अधिकारी रात दिन मेहनत करके पटना को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अपना जीवन लगा दिए फिर भी कुछ अफसरों के अरियल रवैया के कारण घोर निराशा हाथ लगती है।
ऐसा ही शिकायत पटना सिटी के अजीमाबाद अंचल में वार्ड नंबर 60 मे देखने को मिला इस वार्ड में गुरु गोविंद सिंह अस्पताल के पीछे विद्या पूरी छोटी बाजार श्री राम देव शुकला क्षेत्र मे सफाई कर्मचारियों द्वारा ना तो ठीक से झाड़ू लगता है ना कचरा उठता है केवल खानापूर्ति की जाती है आप तस्वीरों के माध्यम से कचरे का अंबार देख सकते हैं। आप वीडियो के माध्यम से यह भी देख सकते हैं की सफाई कर्मी बिना वर्दी के किस तरह ई रिक्शा चला रहे हैं जब उनकी शिकायत मुख्य सफाई निरीक्षक से की गई उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए शिकायतकर्ता से उलझ गए। अब यदि मातहत अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देंगे तो अंचल निवासियों का भरोसा समाप्त हो जाएगा और अजीमाबाद अंचल गंदगी में शुमार हो जाएगी। हालांकि कुछ कर्मियों की गलती के कारण ऐसा हो रहा है बहुत सारे कर्मी सक्रिय रहते हैं और नियमित सेवा दे रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि स्थानिय लोगो के अनुसार वार्ड नो0 60 बिद्या पूरी छोटी बाजार मोगलपुरा जय ठाकुर के मकान से लेकर झमेरा जी के मकान तक रोड टूटी फूटी है जानवर हमेशा रोड पर बंधे रहते है और ऑटो पार्किंग भी रहती है आधी गली अतिक्रमित रहती है घनी आवादी वाले क्षेत्र के लिंक रोड SGGS हॉस्पिटल जाने में असुविधा होती है। जानवर मालिको द्वारा अक्सर देखा गया है कि गोवर को नाली में डाल देते है उससे नाला जाम हो जाता है। और गंदगी रोड पर आ जाती है।

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