लालू प्रसाद पर की गई टिप्पणी संजय जायसवाल के ओछी एवं छूटभैये नेता की मानसिकता स्पष्ट करती है: एजाज अहमद

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पटना 12 अगस्त, 2021
बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने अपने वक्तव्य में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के द्वारा जातीय
जनगणना के संबंध में श्री लालू प्रसाद पर की गई टिप्पणी को ओछी मानसिकता और आरएसएस के विचारों के अनुरूप बंच आॅफ थाॅट्स पर आधारित सोंच का परिचायक बताया। इन्हें पता होना चाहिए कि बिहार विधान मंडल ने सर्वसम्मति से दो-दो बार जातीय जनगणना कराने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा
था और उस प्रस्ताव पर भाजपा की भी सहमति थी, लेकि आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल अपने पार्टी के द्वारा पूर्व में दिये गये समर्थन की
बातों को भी इंकार कर रहे हैं। भाजपा की नीतियों के अनुरूप गोवेल्स की तरह दोहरेपन की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं।
भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब देश में पशुओं और पक्षियों की जनगणना हो सकती है तो सभी वर्गों और जातियों की गणना क्यों नहीं हो सकती है? अगर जनगणना में लोगों की संख्या का आंकड़ा हीं जमा नहीं होगा तो ऐसीजनगणना की खानापूर्ति क्यों की जा रही है। जबकि जनगणना में धर्मकेआधार
पर और अनुसूचित जाति/जनजाति की सूची स्पष्ट की जाती है तो पिछड़ा औरअतिपिछड़ा की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए उनके संख्या को गिनने से केन्द्र सरकार को किस बात का एतराज है। जहां भाजपा की
ओर से जातीय जनगणना को देश तोड़ने वाली बातें बतायी जा रही है जो किसी भी दृष्टिकोण से ठीक नहीं है।
एजाज ने कहा कि देश में भेदभाव जाति के आधार पर होता है। अपना पराया जाति के आधार पर किया जाता है, जाति के आधार पर लोगों के शिक्षा, संसाधन व अवसरों से दूर रखने की बातें की जाती है, व्यवसाय थोप कर उन्हीं में सीमित रखा जाता है तो जाति के आधार पर गणना कराने से भाजपा को परहेजक्यों है? दरअसल भाजपा नहीं चाहती है कि समाज के कमेरे, वंचित औरउपेक्षित वर्ग की गणना हो क्योंकि उन्हें इस बात का डर है कि जनगणना होने
से इन वर्गों को अपनी सही संख्या का पता चल जायेगा, जिससे भाजपा को डर लग रहा है। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद ने हमेशा वंचितों,शोषितों, पिछड़ो तथा अतिपिछड़ों और अल्पसंख्यकों को राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी देने में अपनी महती भूमिका अदा की है और आगे भी करेगा। भाजपा के
प्रदेश अध्यक्ष के मुंह से ऐसी ओछी बातें शोभा नहीं देती है क्योंकि वो एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं छूटभैये नेता नहीं। इनके द्वारा ओछेपन की बयानबाजी कहीं न कहीं इनके सोंच और मानसिकता को भी
स्पष्ट करता है क्योंकि ये गोवेल्स के सोंच पर आधारित राजनीति को बढ़ावा देने वाले लोग हैं।



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