हर जिले में दो सौ उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य : मंत्री

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रिपोर्ट – गौरी शंकर प्रसाद

इथेनॉल व ऑक्सीजन के बाद टेक्सटाइल उत्पादन पॉलिसी में बिहार होगा प्रथम राज्य
धमौली में युपीवीसी मैनुफैक्चरिंग युनिट का उद्घाटन


नालंदा(हरनौत) बिहार के युवाओं को अब काम के लिए दूसरे प्रदेशों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। पहले सिर्फ एससी/एसटी और अतिपिछड़ा वर्ग के लाभुकों के लिए उद्यमी योजना थी। इसे राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवा उद्यमी योजना से हर वर्ग के युवाओं के लिए लागू कर दिया है। हर युवा जो इसके योग्य होंगे, उन्हें लाभ मिलेगा। दस लाख की उद्यमी योजना में सिर्फ पांच लाख ही लौटाने होंगे। शेष राशि सरकार की ओर से अनुदान होगी। अगर समय पर लोन चुका दिये तो ब्याज भी नहीं लगेगा। इसका उद्देश्य हर जिले में दो सौ उद्यमी तैयार करने की है। ये बातें राज्य के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने धमौली में कही। यहां वे अपने मंत्रित्व काल के पहले उद्योग के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम नीतीश कुमार व नवीन पटनायक को विकास के लिए प्रतिबद्ध नेताओं में रखा।
करीब पचास लाख की लागत से धमौली में पटना के युवा उद्यमी भीष्म नारायण ने एसआर विंडोज मैनुफैक्चरिंग युनिट लगाई है। इसमें आमतौर पर लकड़ी के बनने वाले फर्नीचर जैसे दरवाजे, खिड़कियां आदि युपीवीसी से बनेंगे। इको फ्रेंडली मैटेरियल के निर्माण के लिए आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं।
मंत्री ने कहा कि इथेनॉल व ऑक्सीजन उत्पादन पॉलिसी बनाने में बिहार देश का पहला राज्य बना है। इसी तरह टेक्सटाइल व शीशा उद्योग की पॉलिसी जल्द ही लागू होगी। उन्होंने एसआर विंडोज को युपीवीसी मैनुफैक्चरिंग में बिहार की सबसे बड़ी कंपनी होनी की शुभकामना भी दी।
उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने की। उन्होंने बताया कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए नीतीश सरकार लगातार काम कर रही है। युपीवीसी मैनुफैक्चरिंग युनिट से सरकार को सहयोग मिलेगा। इससे लकड़ी का उपयोग घटेगा तो पेड़ भी कम कटेगा।
मुख्य अतिथि मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि युपीवीसी मैनुफैक्चरिंग से लकड़ी और लोहे पर निर्भरता कमेगी। युपीवीसी से बने सामान सस्ते होंगे। उन्होंने इस तरह के छोटे-छोटे उद्यम लगाकर रोजगार बढ़ाने को भी बेहतर बताया। उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल के पहले भीष्म नारायण का कार्यक्षेत्र दक्षिण भारत रहा था। पर उद्योग लगाने को उन्होंने अपना राज्य चुना। इसके लिए राज्य की नीतीश सरकार के कार्यकाल में बदले माखौल को भी सराहा।
युनिट के कार्यों को बताते हुए प्रोपराइटर भीष्म नारायण ने कहा कि वर्तमान में हर महीने पांच हजार वर्ग फीट मैटेरियल तैयार करने का लक्ष्य है। इसमें तत्काल 20 से 25 लोगों को रोजगार मिलेगा। छह महीने के अंदर इससे उत्पादन दुगुना करने का लक्ष्य है। साथ में रोजगार भी बढ़ेगा। इसके उत्पाद की रिसाइक्लिंग हो सकेगी। यह लेड रहित है। इसके अवशेष यानि स्क्रैप को पिघलाकर डिस्पोजेबल गिलास, कटोरे बनाने के साथ मल्टीपल उपयोग हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि अभी युनिट 45 सौ वर्गफीट में बना है। सरकारी सहायता मिलने पर इसे दोगुना तक विस्तार किया जा सकता है। उत्पाद का वितरण क्षेत्र बिहार के साथ झारखंड तक होने की बात कही।
जमीन धमौली के अभिषेक कुमार की है। कार्यक्रम के दौरान समर्थ नारी समर्थ भारत की राष्ट्रीय सह संयोजिका माया श्रीवास्तव, बिहारशरीफ व नवादा के वितरक जया वर्मा, संजय सिन्हा के साथ अतुल, अविनाश व अन्य मौजूद थे।

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