राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय पटना में कोविड-19 एवं उसके उपद्रव विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया।

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सनोवर खान /मनोज कुमार सिंह

आयुर्वेद सभी चिकित्सा विधाओं की जननी है – डा0 राजीव रंजन, डीन,



पटना: राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के सभागार में ‘‘कोविड-19 एवं उसके उपद्रव विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन सेमिनार कमिटि, राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय, पटना द्वारा किया गया। इस वेबिनार में मुख्य वक्ता के रूप में डा0 राजीव रंजन, डीन, आर्यभट्ट ज्ञान विष्वविद्यालय, पटना ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने सर्वप्रथम आयुर्वेद के प्राचीन इतिहास के ऊपर प्रकाष डालते हुए बताया कि आयुर्वेद सभी चिकित्सा विधाओं की जननी है। कोविड-19 के मैनेजमेंट में प्रारंभिक स्थिति में आयुर्वेद के माध्यम से चिकित्सा करने तथा सही समय पर गंभीरता को देखते हुए एलोपैथी चिकित्सक की सलाह लेना बताया। आयुर्वेद के चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा पद्धति से इलाज करने के लिए पूर्व के भाँति पुनः दो वर्ष के षिक्षण एवं प्रषिक्षण को लागु करने का प्रस्ताव रखा। इस वेबीनार में आनलाईन जुड़े श्रोताओं के कोविड-19 एवं पोस्ट कोविड उपद्रव तथा टीकाकरण संबंधी प्रष्नों का निराकरण किया। इन्होंने खास तौर पर समाज में लोगों को कोरोना के प्रति जागरूकता लाने एवं लापरवाही न बरतने की सलाह दी। साथ ही साथ डा0 राजीव रंजन ने आयुर्वेद एवं चिकित्सा महाविद्यालय के षिक्षकों तथा चिकित्सकों के बीच समन्वय स्थापित करने एवं नये-नये शोध के लिए साझा प्रयास करने हेतु समन्वय समिति बनाने का प्रस्ताव रखा तथा शासन स्तर से भी जल्द ही इस प्रकार का प्रयास करने का आग्रह किया।
आर्यभट्ट ज्ञान विष्वविद्यालय, पटना के डीन बनने पर महाविद्यालय के प्राचार्य, वैद्य (प्रो0) दिनेष्वर प्रसाद द्वारा डा0 राजीव रंजन का अभिनंदन शाॅल, पाग, औषधीय पौधे गिलोय देकर किया गया। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के द्वारा समेकित रूप से रोगी के हित में अध्ययन, शोध एवं चिकित्सा करने पर विषेष बल दिया। वेबिनार की अध्यक्षता एवं स्वागत भाषण डा0 चंद्र भूषण सिंह, सहायक प्राध्यापक, रसषास्त्र एवं भैषज्य कल्पना विभाग द्वारा किया गया। इस वेबिनार में महाविद्यालय के पदाधिकारी, छात्र-छात्रा, सहित देष के कई राज्य