प्रेस पर हमला मतलब लोकतंत्र खतरे में।
जनता की आवाज जन जन तक पहुंचाने वाला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ, मीडिया जिसकी

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पटना से मनोज कुमार सिंह के साथ सनोवर खान की रिपोर्ट।
जरूरत आज सरकार और जनमानस दोनों की है आज इस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया जा रहा है, लगातार छापेमारी की जा रही है, झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है, प्रेस की आजादी में बाधा उत्पन्न की जा रही है, समाज के सामने सरकार की सही बातों को, सच्चाई यों को,ौ दिखाने पर प्रशासन द्वारा कानूनी पचड़े में फंसाया जा रहा है, लोकतंत्र के लिए कहीं से उचित नहीं है।
यही कारण है इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रंजीत सम्राट पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू करने के लिए अबिलंब सरकार से मांग किया है।
उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दिया है कि यदि सरकार इस पर ध्यान नहीं देगी तो इसके लिए एसोसिएशन के सदस्य सड़कों पर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर डॉ शशिकांत सुमन ने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को चेताया।

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