नरेंद्र मोदी ने 7 साल में लिया सब का साथ ,नहीं किया किसी का विकास और जुमला के सहारे जनता का किया विश्वासघात- एजाज़ अहमद प्रेस

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पटना 30 मई 2021 :
राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता सह पूर्व प्रवक्ता एजाज अहमद ने नरेंद्र मोदी सरकार के 7 साल पूरा होने पर कहा कि देश की जनता को अच्छे दिन के वादे के नाम पर महंगाई ,भ्रष्टाचार, पुलिसिया जुल्म ,महिलाओं पर हो रहे बलात्कार , कोरोना के इलाज के लिए अस्पताल, बेड,ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, दवाई और अंतिम क्रिया के लिए जूझना पड़ रहा है। देश में अब सिर्फ मन की बात होती है जिस कारण आज चारों ओर बेचैनी और हाहाकार की स्थिति बनी हुई है ।
एजाज ने कहा कि 2014 में जहां नरेंद्र मोदी ने सरकार बनाने के लिए सबका साथ लिया लेकिन किसी का विकास नहीं किया और हद तो यह है कि जनता के विश्वास पर विश्वासघात किया । ऐसी व्यवस्था खडी होने के कारण और ब्रांडिंग करने वाली नरेंद्र मोदी सरकार देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था को कहीं ना कहीं छिन्न-भिन्न कर रही है और आपदा के समय में भी अपने हित में राजनीति करने पर ही केंद्र सरकार विश्वास करती है।
जब कोविड-19 जैसे वैश्विक महामारी में जहां केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय के साथ लड़ने की आवश्यकता थी ,वह सरकार के स्तर से कहीं नही दिखाई दिया। जिस कारण पूरे देश में लाखों लोग इस बीमारी से काल के गाल में समा गए ,क्योंकि जहां ऑक्सीजन ,अस्पताल, बेड दवाइयां और अन्य सुविधाओं की आवश्यकता थी वहां पर सरकार की ओर से दोषारोपण की नीति अपनाकर एक दूसरे को कोसने में ही समय बर्बाद की गई । जिस कारण लोग बिना ऑक्सीजन और इलाज के असमय काल के गाल में समा गए।
एजाज ने कहा कि आज देश में महंगाई अपने चरम सीमा पर पहुंच गई है ,जहां सरसों का तेल ,रिफाइन दोहरा शतक की ओर है ,वहीं दूसरी ओर चावल, दाल ,आटा ,गेहूं और अन्य खाद्य पदार्थे आसमान छू रही है । हद तो यह कि आलू ,प्याज और सब्जियों के दाम दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं देश में जमाखोरों और कालाबाजारियों को पूरी छूट मिली हुई है और इन लोगों पर सरकार के स्तर से लगाम के लिए कोई व्यवस्था नहीं है । हद तो यह है कि जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में दिन- प्रतिदिन गिरावट देखी जा रही है वहीं भारत में पेट्रोलियम कंपनियां डीजल ,पेट्रोल ,सीएनजी, पीएनजी के दामों में निरंतर वृद्धि कर रही है । हद तो यह है कि उज्जवला योजना महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने का दावा करने वाली सरकार घरेलू गैस के दामों में निरंतर वृद्धि करके उनकी आंखों में आंसू दे रही है ।
देश में जहां महामारी से गरीबों का इलाज नहीं हो पा रहा है ,वहीं दूसरी ओर उनके अंतिम क्रिया में भी महंगाई का असर देखने को मिल रहा है ,जिस कारण गंगा के किनारे बालू की रेत में लाशें दफन की जा रही है वही पानी में भी इन्हें बहाने का काम किया जा रहा है । ऐसा लगता है कि देश में जिंदगी और मरने में भी महंगाई की अहम भूमिका है ।
एजाज ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने 2014 में दो करोड़ नौजवानों को रोजगार देने का वादा किया था और सभी के खाते में 15 -15 लाख रुपए देने का बात की थी लेकिन ना तो रोजगार का साधन उपलब्ध कराया गया और नहीं 15 लाख रुपए की ही व्यवस्था की गई। हां इतनी बातें अब अवश्य हुई कि नौजवानों के रोजगार को छिनने का उपाय किया गया और 15 लाख की बात को जुमला बताकर के लोगों के साथ विश्वासघात किया गया। इन्होंने ने आगे कहा कि केंद्र सरकार निजी कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए फायदे वाली सरकारी कंपनियों को औने -पौने दाम में बेच रही है ।जिस कारण आम जनों के आमदनी में निरंतर गिरावट देखी जा रही है, वहीं केंद्र सरकार की संरक्षण में फल फूल रहे अडानी - अंबानी निरंतर देश के अमीर व्यक्तियों की श्रेणी में नंबर वन और टू पर आ गए हैं। जहां एक ओर डॉक्टर के इलाज की व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए बाबा रामदेव जैसे लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा है ,वहीं दूसरी ओर किसानों के मनोबल को तोड़ने के लिए उन पर तरह-तरह के मुकदमे और पुलिसिया जुल्म का सहारा लिया जा रहा है, और तीन काला कानून के सहारे नरेंद्र मोदी अपने दोस्त व्यापारी को लाभ पहुंचाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं, जबकि 6 महीने से किसान दिल्ली से लेकर पूरे देश के सड़कों पर आंदोलनरत है ।और उनकी आवाज को सुनने की जगह उन्हें तरह-तरह के नामों से अलंकृत किया जा रहा है । एजाज ने आगे कहा कि केंद्र सरकार देश में गरीब और गरीबों की आत्मा को चोट पहुंचा रही है जहां पहले 2020 में लॉक डाउन के समय मजदूर और किसान बेहाल होकर सड़कों पर जान दे रहे थे वहीं दूसरी ओर इस बार उनके साथ पुलिस ज़ुल्म के साथ-साथ देश में बोलने- लिखने की आजादी और सोचने तथा चलने की आजादी पर भी रोक लगाई जा रही है। मोदी सरकार ने सिर्फ अपने जुमले और मन की बात से लोगों के साथ विश्वासघात किया है जिस जिस कारण विपक्ष के द्वारा सरकार के खिलाफ बोलने पर इसे देश के खिलाफ बोलना और सरकार की कमियों को गिनाने पर देश को बदनाम करने वाली बात कह कर अपने एजेंडे के अनुसार सरकार चलाना चाह रही है जो अब देश की जनता के मन से ऊपर की बात हो गई है जिस कारण सच्चाई का सामना करने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घबरा रहे हैं।

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