ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस सेंट्रल जोन की पहली वर्चुअल मीटिंग संपन्न

0
107



आगामी विश्व कायस्थ सम्मेलन की तैयारी पर देना होगा जोर : दीपक वर्मा

स्वामी विवेकानंद और जीकेसी के सात मूल सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात करने की जरूरत : अखिलेश श्रीवास्तव

राज्य में कायस्थों के सामाजिक , आर्थिक , शैक्षणिक और राजनीतिक प्रगति के लिए अभियान चलाएगा जीकेसी : पवन सक्सेना

आंतरिक बैठक करके रणनीति बनाकर कार्य मध्य प्रदेश जीकेसी टीम को और भी मजबूत किया जाएगा : आलोक श्रीवास्तव

छत्तीसगढ़ में कोई भी कायस्थ बच्चा आर्थिक कमजोरी की वजह से शिक्षा से वंचित ना रहे इस पर कार्य किया जाएगा : बृजभूषण श्रीवास्तव

भोपाल, 26 जून ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कायस्थों के सामाजिक आर्थिक शैक्षणिक तथा सांस्कृतिक प्रगति के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाएगा और संगठन को जिला शहर से लेकर पंचायत स्तर तक मजबूत कर राजनीति में भी अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करेगा। सेंट्रल जोन के दोनों राज्यों के पदाधिकारियों की हुई वर्चुअल बैठक में इस पर विचार विमर्श कर यह निर्णय लिया गया।
बैठक में जीकेसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिलेश श्रीवास्तव ने जीकेसी के सात मूलभूत सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात करने पर जोर देते हुये कहा कि ऐसा करने से कायस्थ समाज अपने सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को पाने में सफल होगा।
जीकेसी सेंट्रल जोन के प्रभारी दीपक वर्मा की अध्यक्षता में मीटिंग संपन्न हुई। जिसमे सभी ने एक मत से राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद के नेतृत्व में कायस्थ समाज के सर्वांगीण विकास और उत्थान के लिये उनकी हर संभव सहायता देने का संकल्प लिया।

बैठक में सेंट्रल जोन ओर से दोनों ही राज्यो के कायस्थ समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए रोड मैप की रूपरेखा भी तैयार करने पर जोर दिया गया।

बैठक की शुरुआत में सभी ने एक दूसरे को अपना परिचय दिया। इस के पश्चात ज़िम्मेदार पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति अपनी -अपनी प्रोग्रेस से अवगत कराया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अखिलेश श्रीवास्तव जी ने जीकेसी के सात मूलभूत सिद्धांत सेवा, सहयोग, संप्रेषण,सरलता,समन्वय,सकारात्मकता और संवेदशनीलता को जीवन में आत्मसात करने पर जोर देते हुए कहा कि संगठन को आगे बढ़ाने के लिए सोच और विचारधारा का ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जरूरत है।

बैठक को संबोधित करते हुए सेंट्रल जोन के प्रभारी दीपक वर्मा जी ने कहा कि हम सब को ये याद रखना है कि जब तक लक्ष्य प्राप्त ना हो हमे पूरी लगन से कार्य करना है। पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए जीकेसी के मिशन Go green को हर घर तक पहुंचाना है। साथ ही दिल्ली में आयोजित विश्व कायस्थ सम्मेलन की तैयारी के लिए उसके प्रचार प्रसार के लिए रोड मेप तैयार करने का प्रस्ताव रखा।

अपने विचार रखते हुए कला संस्कृति प्रकोष्ठ के महासचिव और सेंट्रल जोन के सह प्रभारी पवन सक्सेना जी ने बताया कि जीकेसी का गठन का मूल मकसद कायस्थ समाज के लोगों का राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक विकास करना है। जीकेसी के गठन के साथ ही धरातल पर काम करने वाले प्रतिभाशाली लोगों की टीम बनायी गयी है, जो सबका साथ और सबका विकास के साथ काम करने में कृत संकल्पित हैं।

मीटिंग में अपने विचार रखते हुए आलोक श्रीवास्तव जी कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए एक दूसरे की सहमति से अपने सहयोगियों के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य करना होगा।

मध्य प्रदेश जीकेसी युवा अध्यक्ष प्रियांशु श्रीवास्तव ने कहा कि ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस ही अब कायस्थों को एक मंच पर लाएगा और कायस्थों की राजनीतिक हक मारी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ेगा।


इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के ऊर्जावान साथी बृजभूषण श्रीवास्तव जी अपनी बात रखते हुए कहा कि
संगठन को ग्रास रूट लेवल पर मजबूत किए जाने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ के छोटे छोटे गांव में रहने वाले गरीब और अशिक्षित कायस्थ परिवारों को जीकेसी से जोड़ने की जरूरत है। कोई भी बच्चा धन के अभाव में पढ़ने से वंचित ना रहे ऐसी योजनाएं बनानी होगी।

जीकेसी मध्य प्रदेश सचिव रजत श्रीवास्तव के कहा कि संगठन के सदस्यता अभियान में तेजी लाने के लिए सबका साथ अति आवश्यक है। इसके वरिष्ठ और युवा दोनों को ही हर सम्भव योगदान देगा।
बैठक के दौरान प्रदेश के के सभी पदाधिकारियों ने जोनल प्रभारी और राष्ट्रीय टीम को आश्वास्त करते हुए कहा कि वे जल्दी ही रोड मेप बनाकार कार्य द्रुतगति से प्रारंभ करेंगे।

अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अखिलेश श्रीवास्तव जी ने कहा कि हमे एक मत एक विचार होकर कायस्थ समाज की उन्नति के लिए जीकेसी का साथ मजबूती से निभाना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here