कायस्थ समाज के हितों पर कुठाराघात के खिलाफ सकारात्मक कार्यक्रम शीघ्र : राजीव रंजन प्रसाद

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चित्रगुप्त के वंशजों को संगठित, एवं सशक्त करने के लिए जीकेसी प्रतिबद्ध : डा. नम्रता

पद्मश्री डॉ मानस बिहारी वर्मा की स्मृति में कायस्थ विज्ञान सम्मान के पांच विजेताओं की घोषणा

पटना, 30 जुलाई । आजादी की लड़ाई के अलावा हर क्षेत्र में अपना विशिष्ट योगदान देने वाले कायस्थ समुदाय की लगातार की जा रही उपेक्षा तथा उनके हितों पर किए जा रहे कुठाराघात के विरोध में देश की दो महान विभूतियों डॉ राजेंद्र प्रसाद एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण की धरती बिहार से शीघ्र ही सकारात्मक और रचनात्मक अभियान की शुरुआत की जाएगी । इस आशय का निर्णय आज यहां ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस की प्रदेश कार्यकारिणी की हुई बैठक में लिया गया । कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद के नेतृत्व में हुई इस बैठक की अध्यक्षता डॉ नम्रता आनंद ने की ।
कायस्थ समुदाय के हितों की रक्षा के लिए भारत ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर कार्यरत संस्था ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) बिहार ईकाई की कार्यकारिणी की बैठक में हाल के वर्षों में राजनीतिक तथा सामाजिक क्षेत्र में और उनके हकों से वंचित किए जाने का मामला जोरदार ढंग से उठा । लगभग सभी वक्ताओं ने कहा कि अब समय चुप बैठने का नहीं है बल्कि राजनीति सामाजिक प्रशासनिक व्यापारिक तथा अन्य क्षेत्रों में अपने हक को लेकर आवाज को बुलंद करने की जरूरत है ।वक्ताओं ने कहा कि प्रायः सभी राजनीतिक संगठनों द्वारा भगवान चित्रगुप्त के वंशजों को दबाने की कोशिश की जा रही है और उनका वाजिब हक भी देने की बात तो दूर उसे छीन भी लिया जा रहा है ।ऐसी स्थिति में सभी कायस्थ संगठनों तथा चित्रगुप्त के वंशजों को एकजुट होकर इस रचनात्मक तथा सकारात्मक अभियान में अपना सशक्त योगदान देने की जरूरत है । बैठक में 19 दिसंबर को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होने वाले विश्व कायस्थ महासम्मेलन की तैयारी, पूरे राज्य में सदस्यता अभियान पर जोर देने का संकल्प लिया गया।
बैठक के दौरान विश्व कायस्थ महासम्मेलन ‘उम्‍मीदों का कारवां’ कार्यक्रम की तैयारी पर विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक में प्रदेश भर में कायस्थों के सामाजिक आर्थिक, शैक्षणिक तथा सांस्कृतिक प्रगति के लिए राज्यव्यापी एकजुटता अभियान चलाये जाने और संगठन को जिला, शहर से लेकर पंचायत स्तर तक मजबूत कर
राजनीति में भी अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में जीकेसी की बिहार इकाई की ओर से सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए बनाये गये रोड मैप को प्रभावी ढ़ंग से क्रियान्वित किये जाने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि विश्व कायस्थ महासम्मेलन की तैयारी के लिए रोडमैप तैयार है और सभी राज्यों को विशेष रुप से तैयारी करने का निर्देश दिया गया है।जीकेसी के गठन के साथ ही धरातल पर काम करने वाले प्रतिभाशाली लोगों की टीम बनायी गयी है, जो सबका साथ और सबका विकास के साथ काम करने में कृत संकल्पित हैं।
श्री प्रसाद ने बताया कि जीकेसी के सौजन्य से पद्मश्री डॉ मानस बिहारी वर्मा की स्मृति में 29 जुलाई को “कायस्थ विज्ञान सम्मान”का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया इस वर्ष हमने यह सम्मान समारोह प्रसिद्ध वैज्ञानिक, पद्म श्री डॉ. मानस बिहारी वर्मा को समर्पित किया है जिन्होंने तेजस लड़ाकू विमान को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी । यह हमारे राष्ट्र के लिए गर्व की बात है।देश के प्रति डॉ. मानस बिहारी वर्मा का योगदान अविस्मरणीय है। उनके द्वारा विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में किये गये कार्य लोगों के लिये प्रेरणास्रोत है। डॉक्टर मानस बिहारी वर्मा ने 35 वर्षों तक अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में एक वैज्ञानिक के रूप में काम किया। तेजस फाइटर जेट विमान की डिज़ाइन बनाने की पूरी जिम्मेदारी उन्होंने संभाली थी।
इस सम्मान के अंतर्गत देश भर से 11वीं और 12वीं के विज्ञान के छात्रों ने भाग लिया और विज्ञान से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि गठित कमिटी मंडल ने जिन छात्रों को विजेता घोषित किया उनमें आदर्श दीपक वर्मा, दाविपायन दास, शेरेन रेनी, आर्य अनूप नायर और नैतिक महेश शामिल हैं।
आईएमओ (इंटरनेशनल मैथमेटिकल ओलंपियाड) 2021 के विजेता, प्रांजल श्रीवास्तव, बंगलोर,को विशेष पुरुस्कार दिया गया।उन्होंने ये प्रतियोगिता 6 में से 5 सवालों के जबाब देकर 31 अंक अर्जित करके हासिल किया।
प्रदेश अध्यक्ष डा. नम्रता आनंद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता कमल किशोर ने कहा कि बिहार में सभी 38 जिलों में कमिटी गठित कर दी गयी है और वहां जिला तथा प्रखंड स्तर पर कमेटियां गठित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर जीकेसी की सभी इकाई को विस्तार करने की जरूरत है। संगठन को आगे बढ़ाने के लिए सोच और विचारधारा को ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वित करने की जरूरत है। जीकेसी की स्थापना का महत्वपूर्ण उद्देश्य सम्पूर्ण कायस्थ समाज को संगठित, उन्नत एवं सशक्त करना है। कायस्थ समाज के लोगों को एक दूसरे से समन्वय स्थापित करने की जरूरत है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके। जीकेसी सदस्यता अभियान में युवाओं और महिलाओं को जोड़ने पर विशेष जोर दिया । डॉ. आनंद ने बताया कि राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा औरंगाबाद के अध्यक्ष कमल किशोर के नेतृत्व में जीकेसी सदस्यता अभियान की शानदार शुरूआत हुई है।1942 की अगस्त क्रांति में पटना में विधानसभा के सामने शहीद कायस्थ कुल गौरव जगतपति कुमार के सम्मान में औरंगाबाद में 11 अगस्त को एक अनूठे कार्यक्रम का भी आयोजन किया जा रहा है ।
इस अवसर पर दीपक कुमार अभिषेक , प्रेम कुमार दिलीप कुमार सिन्हा, मुकेश महान, विद्याभूषण, डब्लू, दिवाकर कुमार वर्मा, संतोष कुमार श्रीवास्तव, मनोरंजन कुमार सिन्हा, नंदलाल, निशा पराशर, जितेंद्र कुमार सिन्हा, प्रभात वर्मा, संजय कुमार सिन्हा, राकेश मणि, आलोक कुमार वर्मा, सुमित चंद्रा, अनुराग समरूप, अशोक कुमार सिन्हा, कुमार सौरव, रवि आनंद, विकास रंजन, कुमार आर्यन, चंदू प्रिंस, आरपी सिन्हा, मुकेश सिन्हा,
सुभाषिनी स्वरूप, सुशील कुमार, प्रशुन श्रीवास्तव , नीरव समदर्शी, समेत सभी 38 जिलों से आये प्रतिनिधि मौजूद थे।

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